चाणक्य की अनमोल वचन|जीवन में अपनाने हेतु महत्वपूर्ण बातें

चाणक्य की गणना विश्व के सबसे बड़े विद्वानों में होती हैं,उन्होंने बहुत सी ज्ञानं की बातें बतलाई हुई हैं ,जिन्हें अगर सामान्य मनुष्य अगर अपने जीवन में शामिल कर ले तो उसे उच्चाईयों तक पहुचने में कोई रोक नही सकता|

यहाँ कुछ वैसी ही चाणक्य के अनमोल वचनों को बताया गया हैं,जो आपके जीवन को सुन्दर बना देगी|

चाणक्य
चाणक्य

1.गधे और घोड़े,कुत्ते और बिल्ली ,बकरे और शेर जैसे प्राणियों में तो कभी आपस में दोस्ती नही चल सकती|

2.कामवासना से बड़ा कोई रोग नहीं
अज्ञानता से बढ़कर कोई शत्रु नहीं
क्रोध से बढ़कर कोई दूसरी आग नही
ज्ञान से बढ़कर कोई गुरु नही|
ये चारो सत्य उस समय तक अटल हैं जब तक धरती पर मानव हैं

3.जल में बादलों का जल सबसे उत्तम होता हैं
बल में अपना बल सबसे श्रेष्ठ हैं
नेत्र के सामान तेज़ दूसरा नही
अन्न से प्रिय और कोई वस्तु नही

4.लोभी को धन से
अहंकारी पुरुष को हाथ जोड़कर
मुर्ख को मनमानी करके
पंडित को सच बोल के वश में किया जा सकता हैं ,यही व्यवहार इनको शांत कर सकता हैं

5.विद्यार्थी अगर सो रहा हो
यात्री अगर ऊँघ रहा हो
डर के मारे भूखा कातर भंडारी सुस्त पड़ा हो
द्वारपाल सो रहा हो
तो इन सबको जगा देना चाहिए

6.सांप,राजा ,बालक,दुसरो का कुत्ता और मुर्ख सो रहे हो तो इनको भूल के भी नही जगाना चाहिए

7.हिम्मत करने से गरीबी दूर हो जाती हैं
पूजा करने से पाप मिट जाते हैं
चुप रहने से झगडा मिट जाता हैं
इस प्रकार जागते रहने से डर पास नही आता|

8.हाथी को देखकर हज़ार हाथ दूर रहो
घोड़े से सौ हाथ दूर रहो
और सिंग वाले पशु को देखकर दस हाथ दूर हो जाओ,तो आपका बचाव हो सकता हैं